20 लाख करोड़ ₹ के महा-पैकेज को "महिला प्रोफ़ेसर" की इस कहानी से समझे .
20 लाख करोड़ ₹ में आपको कितना ?
एक कहानी एवं वित्त-मंत्रालय के आँकड़े को पढ़े और आसानी से समझें
मोदी जी ने 20 लाख करोड़ ₹ के पैकेज का जो #एलान किया था वो देश की जनता के लिए वास्तव में क्या है. इसे एक “महिला प्रोफ़ेसर” के इस कहानी से समझिए. (निर्मला ताई के 5 दिन के Press confrence से ज़्यादा सरल और आसान भाषा में ).
(वित्त मंत्रालय के आर्थिक आँकड़ो की चर्चा कहानी के बाद होगी :- अतः पहले मेरी इस कहानी को पढ़े) :-
एक दिन एक महिला प्रोफ़ेसर ने अपने 10 ख़ास मित्रों को Massage में कहा :- “आप सब मेरे - 3 Lakh 60 हज़ार(3,60,000 ₹) रुपय वापस कर दो, मुझे पैसे की ज़रूरत है”.
सभी दोस्तों ने आशर्यचकित हो कर तुरंत ‘प्रोफ़ेसर’ को msz किया - “हमने तो आपसे एक भी रुपया क़र्ज़ नही लिया है. यदि आपके पास कोई प्रमाण हो तो बताएँ, जब पैसे लिए ही नही तो आप क्यूँ माँग रही हो ?
इस पर प्रोफ़ेसर ने कहा- ठीक है, अगर मैं साबित कर दूँ, तब तो तुम सबको पैसे देने पड़ेंगे.
आगे, महिला प्रोफ़ेसर का तर्क सुनिए :-
मैं कॉलेज में प्रोफ़ेसर हूँ . मेरी मासिक वेतन है - 1 लाख 35 हज़ार रूपय है .
30 दिन में छुट्टी के दिन :- (15 दिन)
4 (Sunday Leave)
4 Saturday Leave (Central University)
1 CL (Casual Leave)
1 EL (Earned Leave)
1 ML (Medical Leave)
2 SL (Special Leave ) (for women Only)
2 सरकारी छुट्टी ( Avg. Festival Leave)
अब, 15 दिन में - 1,35,000 /15 = 9000. . अतः मैं 1 दिन में 9000₹ रुपय कमाती हूँ.
एक दिन में औसतन 4 claas (कुल 3 घंटे) लेती हूँ. . अतः - 9000₹ / 3 Hour = 3000.
मतलब, 1 घंटे बोलने का 3000₹ कमाती हूँ.
अब, यदि तुम सभी मित्रों से मैंने पिछले 12 साल की दोस्ती में, हर साल - 10 घंटे भी बात किया तो पिछले 12 साल में प्रति दोस्तों से - 12*10 = 120 घंटे बात किया .
1 घंटे का- 3000 ₹ तो 120 * 3000 = 3 लाख 60 हज़ार रुपय होते है.
अतः आप सभी मित्र मेरे 3 लाख 60 हज़ार रुपय वापस कर दें वरना मै सुप्रीम कोर्ट चली जाऊँगी ।
अब, प्रोफ़ेसर की सभी मित्र, इस समाधान से बचने के लिए मनमोहन सिंह जैसे #अर्थशास्त्री के शरण में जाने की योजना बना रहें हैं. कुछ ने इस कहानीकार से भी सम्पर्क किया है.
ऐसे ही 20 लाख करोड़ ₹ की सच्चाई भी इस कहानी की तरह है. बांकी आप समझदार हैं.
कहानी समाप्त अब जिन्हें वास्तविक आँकड़े समझने है वो पूर पोस्ट पढ़े .
अब, 20 लाख करोड़ ₹ के पैकेज को “वित्त-मंत्रालय” के आर्थिक आँकड़ो से समझना है तो इस पोस्ट को धेर्य के साथ पूरा पढ़े .
ज़रूरी बात :-
सबसे पहले तो जिन लोगों ने मोदी जी के पैकेज का भाषण(12 May) ध्यान से सुना होगा उन्हें पता होगा कि, मोदी जी ने कहा था - 20 लाख करोड़ रुपय का इस पैकेज में RBI एवं सरकार द्वारा पहले से घोषणा किए गए पैसे भी शामिल किए जाएँगे (PM साहब बहुत चालाकी से धीरे से बोलते हुए निकल गए थे, आप फिर से सुन सकते हैं इसे)
अतः, 12 May को मोदी जी के “20 हज़ार करोड़ IN 2020” के भाषण से पहले के खर्च वाले मामले से निपट लें -
पहला चरण
A. सरकार का पैकेज :- 26 मार्च :- 1 लाख 70 हज़ार करोड़ का पैकेज (प्रधानमंत्री ग़रीब कल्याण योजना) :- इसमें भी सरकार ने कृषि सम्मान निधि जैसे पहले से चल रहे योजना का पैसा जोड़ दिया था.
B. RBI :- FEB से अब तक RBI ने 8 लाख करोड़ ₹(cash) बाज़ार में लाने के लिए कुछ- कुछ कदम उठाए. ये पूरा 8 लाख करोड़ का मामला जनता को loan (क़र्ज़) देने से जुड़ा हुआ है :- समझें-
Ø RBI ने Repo Rate कम कर दिए. मतलब RBI ने कम ब्याज पर बैंक को loan दिया ताकि बैंक उस पैसे को आम-जनता को हाथ खोल कर दे और पैसा मार्केट में आए.
Ø RBI ने रिवर्स Repo Rate भी कम कर दिया ताकि देश के सभी बैंक, RBI को loan नही दे (क्यूँकि उससे कम ब्याज मिलेगा) बल्कि आज जनता को loan दे, और पैसा मार्केट में आए.
Ø RBI ने CRR (cash Reserve Ratio) में 100 point कम कर दिए ताकि देश के बैंक अपने पास जमा ज़्यादा पैसा आम जनता को लोन दे सके.
Ø RBI ने Mutual Funds को डूबने के बचाने के लिए 50 हज़ार करोड़ का क़र्ज़ देने वाली योजना बनाई .
Ø RBI ने 50 हज़ार करोड़ NABARD और सहकारी बैंक को क़र्ज़ देने के लिए 50 50 हज़ार करोड़ की योजना बनाई.
इस तरह RBI ने बहुत सारे Technical procees के माध्यम से कुल 8 लाख करोड़ ₹ बाज़ार में लाने से संबंधित क़र्ज़ (Loan) का प्रावधान किया.
यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि - बैंक किसको loan देगी किसको Loan नही देगी यह बैंक तय करेगी, इसलिए आप मुँह उठा कर loan लेने मत चले जाना.
यहाँ, रूक कर, A+ B को जोड़ लेते हैं .
[ A- (1 लाख 70 हज़ार करोड़) + B (लाख लाख करोड़) ] = 9 लाख 70 हज़ार करोड़ .
पहला चरण समाप्त . अर्थात, Almost 10 लाख करोड़ हो गए.
इसका मतलब प्रधानमंत्री ने 12 May को जिस 20 लाख करोड़ के पैकेज की बात कही थी उसमें से 10 लाख करोड़ को भूल जाए. उसका हिसाब हो गया, भाषण से पहले .
12 May को मोदी जी का भाषण हुआ - “20 लाख करोड़ IN 2020”
पहले चरण में, “10 लाख करोड़ रुपय” का “सरकारी गोला” आपको समझ में आ गया. अब बंकी बचे - 10 लाख करोड़ का हिसाब देने से पहले कुछ ज़बरदस्त सरकारी गोले देख लेते है .
C. TAX TETURN (TDS/TCS) के नाम पर 50 हज़ार करोड़ -
वित्त-मंत्री के शब्द :- 14 लाख लोगों को Tax Refund लौटा दिया गया है और भी लोगों को Tax Refund जल्द ही कर दिया जाएगा. इसके बाद जो NGO(80C) और Charitable संस्था के Tax Refund भी जल्द ही लौटा दिया जाएगा. निर्मला ताई ने कहा - ये पैसे जनता के ही पैसे है.
प्रशन, उठता है कि, यदि ये पैसे जनता के ही हैं और जनता को वापस करना ही है तो इसे महा-पैकेज में जोड़ कर सरकार ने जनता के साथ मज़ाक किया है ?
D. EPF Support :- 6750 करोड़
नियम यह था कि - EPF में 12% कर्मचारी का पैसा जमा होता था और उतना हाई 12 % कम्पनी उस कर्मचारी के नाम पर जमा करती थी. सरकर ने कहा - अगले 3 महीने (सम्भवतः 6 महीने) अब कर्मचारी अपना 10% ही जमा करेगा और कम्पनी भी 10% ही जमा करेगा. ऐसा करने से जनता के हाथ में जो 2% पैसा रहेगा. वो लगभग - 6750 करोड़ होगा.
अब आप ही सोंच ले कि - इस पैसे को मोदी के “महा-पैकेज” में जोड़ने का क्या तर्क है. लेकिन ताई ने इसे भी जोड़ दिया . इससे भविष्य में कर्मचारी को जो घाटा होगा वो अलग है (सरकारी कर्मचारी इससे बच गए हैं).
13 May से निर्मला ताई ने हर रोज़ Press Conference में बचे हुए 10 लाख करोड़ का हिसाब दिया . जिसका विवरण नीचे है:-
दूसर चरण का खर्च :-
E. MSME :- 3 लाख करोड़ का लोन बैंक के माध्यम से. (ध्यान दीजिएगा जो क़र्ज़ लेगा उसे क़र्ज़ चुकाना होगा, सूद के साथ) बैंक किसको लोन देना किसको लोन नही देगा ये बैंक निर्णय लेगा (इसलिए ज़्यादा काबिल बनने की ज़रूरत नही है) [3 लाख करोड़]
F. बिजली कम्पनी को 90 हज़ार करोड़ का लोन दिया जाएगा . बिजली कम्पनी इस लोन को आपसे (जनता से) पैसे ले कर ही चुकायगी (चिंता मत करें) . [ 90 हज़ार करोड़ ]
G. प्रवासी मज़दूर :- प्रवासी मज़दूर के खाने-पीने के लिए और उनपर हो रहे खर्चे भले ही राज्य सरकार करे पर यह पैसा राज्यों को केंद्र दे रहा है . अतः इसके लिए केंद्र राज्यों को 11 हज़ार करोड़ दे रहा है और अभि 3.5 हज़ार करोड़ और देगा. [14.5 हज़ार करोड़]
मज़दूरों पर सरकार कितना खर्च कर रही है आप भी देख रहे हैं और अगर मज़दूर जहाँ कार्य कर रहे थे उनको वही खाने का प्रबंध कर दिया जाता तो आज ये हालत नही होती . पैसे भी खर्च हो रहे हैं और मज़दूरों की जान भी जा रही है .
H. रेड़ी-पटरी वाले (Street Vendors) :- इसको फिर से रोज़गार के लिए सरकार ने 10 हज़ार का Loan, जी हाँ आपने सही सुना 10 हज़ार का क़र्ज़ सरकर देगी. कुल खर्च आएगा:- [ 5 हज़ार करोड़ ]
I. किसान :- किसानो को 86 हज़ार करोड़ का loan देने की बात कही गयी है . CORONA के बिना भी यह Loan किसान को पहले से दिए जा रहे थे. मोदी जी ने चुप-चाप इसे इसे भी 20-20 स्कीम में डाल दिया. [86 हज़ार करोड़]
J. NABARD :- नबार्ड और सहकारी बैंक को सरकार की तरफ़ से कुल - 30 हज़ार करोड़ का loan दिया जाएगा ताकि किसानो को और loan दिया जा सके . [ 30 हज़ार करोड़ ]
K. किसान क्रेडिट कार्ड :- यह योजना पहले से चली आ रही थी, इसका पैसा भी सरकार ने 20-20 योजना में चुप-चाप शामिल कर दिया.
L. मध्यम-आय वर्ग लोग :- (हम और आप) - सरकार ने कहा - 6 से 18 लाख रुपय कमाने वाले लोगों को “घर-बनाने” “Housing loan” जो पहले से चला आ रहा था उसके लिए ज सब्सिडी दिया जा रहा था उसे March 2021 तक जारी रखा जाएगा . और इससे सरकार को 70 हज़ार करोड़ का खर्च हो सकने की सम्भावना है . अतः मोदी जी की 20-20 योजना में इस पैसे को ताई ने बड़ी ख़ूबसूरती से जोड़ दिया . ताई JNU की स्टूडेंट है न, अपना skill दिखला रही है. - [ 70 हज़ार करोड़ ]
तीसरे चरण में पैसे का हिसाब :-
अब जितने योजना में खर्च पैसे की चर्चा नीचे किया जा रहा है, ये सभी योजना सरकार के पास पहले से थे, इसकी चर्चा और खर्च भारत सरकार के बजट में पहले से तय था, इन सारे योजना के पैसे को 2020 स्कीम में जोड़ कर कुल 20 हज़ार करोड़ बना दिया गया है. इन सभी योजना का CORONA के special राहत पैकेज से कोई सम्बंध नही है. फिर भी आप इसे पढ़ सकते हैं .
M. छोटी मंडियों में भंडारण के लिए भंडारण कक्ष बनेगा . इसके लिए जो खर्च आ सकता है - 1 लाख करोड़
N. छोटी उत्पादन इकाई को अपना सामान बेचने और उसका प्रचार करने के लिए - [ 10 हज़ार करोड़ ]
O. मछली पालन के व्यपार को बढ़ाने के लिए Infrastructure बनाए जाएँगे . इसके लिए :- [ 20 हज़ार करोड़ ]
P. देश के सभी पशुओं/ मवेशियों का टीकाकरण करने के लिए पैसे खर्च किए जाएँगे :- [ 13 हज़ार 343 करोड़ रुपय ]
Q. पशु-पालन उद्दयोग के विकास के लिए :- [ 15 हज़ार करोड़ ]
R. हर्बल खेती के लिए :- [ 4 हज़ार करोड़ रुपय ]
S. मधुमक्खी पालन के लिए [ 500 करोड़ ]
T. फल और सब्ज़ी के उत्पादन और भंडारण के लिए - सब्सिडी दिया जाएगा - [ 500 करोड़ रुपय ]
A से लेकर T तक को ख़ुद जोड़ लें - क्यूँकि मेरा गणित ठीक नही है .
साझा करें, आपको अच्छा लगेगा .
Note:- Professors 3 घंटा पढ़ाने और ऐसे पोस्ट को लिखने के लिए Professors को 16 घंटा पढ़ना और Research भी करना पड़ता है.
धन्यवाद.
आपका मित्र
मोहम्मद अली
Assistant Professor.
+91-7903892791, ali2011pf@gmail.com



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