ख़ुशियाँ बिखेरने वाले वेलेंटाइन का इंतेज़ार नही करते

फ़रवरी का महीना है,  दुनिया इसे प्यार के महीने से भी पुकारती है । कोई इसे ‘संत-वेलेंटाइन’ के प्यार में दी गई क़ुरबानी को याद करके मनाता है तो कोई इसे अपने प्यार के साथ बिताता है ।

ऐसे मनोरम और मन-मोहक महीने में दिल में प्यार के तार बजना स्वाभाविक है । कारण कोई भी हो पर सच तो यह है कि - हम ख़ुशियाँ मनाने के बहाने खोजते हैं । त्योहार, उत्सव , शादी, पार्टी, जन्म दिन हो या गृह-प्रवेश ये सब अवसर एक बहाने है साथ मिलकर ख़ुशियाँ मनाने के, ख़ुश रहने के और साथ में ख़ुशियाँ बाँटने के । 


ख़ुशियाँ बिखेरने वाले वेलेंटाइन का इंतेज़ार नही करते 


ख़ुश रहना मनुष्य का स्वभाविक गुण है और जीवन स्तर बेहतर बनाने का प्रयास अंतिम लक्ष्य माना जा सकता है । ‘सनातन-धर्म’ में मानव जीवन को चार पुरुषार्थों - ‘धर्म’, ‘अर्थ’, ‘काम’ और ‘मोक्ष’ में बाँटा है । इन चारों पुरुषार्थों के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन में स्थिरता और शांति का अनुभव प्राप्त करता है, जो उसे आध्यात्मिकता की ओर ले जाता है । ‘धर्म’ से लेकर ‘मोक्ष’ तक सभी पुरुषार्थ मनुष्य के उदेशय को पूरा करने के साधन माने जा सकते है, ये सभी एक तरीक़े है, एक रास्ते है, जिसके ज़रिए हम अपने उद्देश्य तक पहुँच सकें । ये पुरुषार्थ मात्र एक “साधन” हैं, ये “साध्य” नही कहे जा सकते हैं. महात्मा गांधी ने भी ‘साधन’ और ‘साध्य’ पर चर्चा करते हुए कहा है कि - “साधन एक रास्ता है, एक सकारात्मक अस्त्र है जिसके माध्यम से हम अपने साध्य तक पहुँच सकते हैं ।  

 

     विश्व प्रसिद्ध दार्शनिक प्रोटागोरस ने कहा है :- “Man is the Measure of all the things” इसका सीधा सा अर्थ है - दुनिया की सारी चीज़ों का मापदंड मनुष्य है । किसी चीज़ की महत्ता, उपयोगिता और उसकी गुणवत्ता उसके उपभोग पर निर्भर करती है । दुनिया की सारी चीज़ों का केंद्र बिंदु मनुष्य ही है । सारे प्रयास, सभी तरह के अनुसंधान, वेज्ञानिक और तकनीको की खोज सभी मनुष्यों के जीवन स्तर को बेहतर करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। मंगल पर जीवन की तलाश करना हो या अंतरिक्ष में नए ग्रहों की खोज सभी प्रयास मानव जीवन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं । 

 

     इस्लाम धर्म में भी “मनुष्यों” को “अशरफुल-मखलुक” के नाम से सम्बोधित किया गया है, अर्थात् कायनात की सभी जीवों में सबसे बेहतर और सबसे अफ़ज़ल इंसान है । दुनिया की तमाम चीज़ों का अस्तित्व और उसकी उपयोगिता इंसानो के वजूद पर ही केंद्रित है ।  

 

     सन 2000 में संयुक्त राष्ट्र (United Nations) की बैठक में दुनिया के लगभग सभी देशों ने MDG (Millenium Development Goal) के नाम से 08 लक्षय तय किए गए, पुनः वर्ष 2015 में न्यू-यॉर्क में हुई बैठक में विश्व के सभी देशों ने 17 लक्ष्यों को तक किया जिसे - “सतत विकास लक्ष्य” (SDG) के नाम से जाना जाता है । ये सभी लक्ष्य मनुष्य के जीवन स्तर को बेहतर करने तथा उनकी जीवन में ख़ुशियाँ लाने के उद्देश्य से तय किए गए हैं । इसमें निरंतरता और मनुष्य के भावी जीवन का भी ख़ास ख़याल रखा गया है ।  

 

     आज दुनिया में किसी भी देश के आर्थिक विकास का मापक - सकल घरेलू उत्पाद (GDP) को माना जाता है, पर प्रश्न उठता है कि - क्या केवल  आर्थिक विकास देश के सभी नागरिकों की ख़ुशहाली को रेखांकित कर सकता है ? यही वजह है कि - आज देश की ख़ुशहाली को चिन्हित करने के लिए मानव विकास संकेतक (HDI) को सामने लाया गया है । इस ‘HDI’ के आधार पर न केवल किसी देश की आर्थिक उन्नति बल्कि उसके सर्वांगींण विकास की रूप रेखा को तय किया जा सकता है । 

     

     सभी दर्शनिकों, समाजशास्त्रियों, बुद्धिजीवियों, संतों और महात्माओं ने मनुष्य के बेहतर जीवन-यापन के मूल-मंत्र की अलग-अलग व्याख्या किया है, परंतु सभी विधियों और तरीक़ों पर ध्यान दे तो हम पाएँगे कि - ख़ुश रहना और ख़ुशियाँ बाँटने से ही मनुष्य सही मायने में अपने जीवन में ख़ुशहाली ला सकता है ।  

 

     ख़ुश रहना एक अवस्था है, जिसे प्राप्त करने के विभिन्न साधन हो सकते हैं । हर व्यक्ति अलग-अलग तरीक़े और अलग-अलग जीवन शैली में अपनी ख़ुशियाँ तलाश लेता है, परंतु जब हम ख़ुशियों को प्राप्त करने वाले ‘साधन’ को ही ‘साध्य’ समझने लगते हैं तो हम अपने वास्तविक ख़ुशियों से धीरे-धीरे दूर होने लगते है ।  

 

हमें इस बात को समझना होगा कि - रुपया, पैसा, नौकरी, नाम एवं तमाम तरह की सुविधाओं का उद्देश हमें ख़ुशियाँ देना एवं हमारे जीवन स्तर को बेहतर करना है । अपनी ख़ुशियों का बलिदान कर के अर्जित किया हुआ पैसे, नौकरी या नाम सब व्यर्थ है । इस क्षणिक जीवन में सेहतमंद रहते हुए ख़ुश रहना ही सबसे बड़ी पूँजी है, जो हर पल हमें ज़िन्दगी जीने को प्रेरित करता है ।    


मोहम्मद अली 

असिस्टेंट प्रोफ़ेसर 

पतलिपुत्रा विश्वविद्यालय,  पटना. 

ali2011pf@gmail.com

+917903892791

  

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