"घुटने तक बैठ कर तय होगा पुरूष-वादी मानसिकता से संघर्ष"


बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ 'खजूर'

पंथी(राही) को 'छाया' नही, फल लगे #अति_दूर.  

                                                    - कबीर 

       इंसान न 'लंबाई' से बड़ा होता है न् 'छाती की चौड़ाई' से !!!  व्यवहार की सौम्यता और अपने अनुजों के समक्ष आदर्श प्रस्तुत करने पड़ते है, तब जा कर कोई देश या समाज महान होता है.  गांधी को चश्मे तक, बुद्ध को वाणी तक, कबीर को कहानी तक, नानक को जयंती तक, इस्लाम को जेहाद तक,  राम को राजनीति तक और बेटी को बचाने तक सीमित कर देने से कोई #विश्व_गुरु  नही बन जायेगा. 'योग' और 'भोग' का इतिहास विश्वगुरु बनने हेतु पर्याप्त नही है. 

#तस्वीर - 


       ऊपर की इस तस्वीर में #कनाडा के युवा प्रधानमंत्री #Justin Trudeau  अपनी पत्नी की उपस्थिति में घुटने पर बैठ कर अपने बच्चें को जूता पहना रहें हैं । हमारे देश मे एक साधारण पति को अपनी पत्नी की उपस्थित में ऐसा करते हुए अपनी "तथाकथित पुरुषत्व" पर खतरा आने का भय बना रहता है. बदबूदार मानसिकता से भरे समाजिक सोंच वाले लोग Justin Trudeau जैसे व्यक्ति को "पत्नी का गुलाम" या 'नामर्द' जैसे शब्दों से नवाज़ने में पीछे नही हटते हैं.  पति के द्वारा पत्नी का सहयोग करने से #नामर्दी झलकती हो या नही हो पर वक़्त रहते हुए सहयोग नही करने से #दानवता जरूर झलकती है. 

Justin Trudeau  की सामान्य दिखने वाली यह तस्वीर हर उस व्यक्ति, देश और समाज के गाल पर तमाचा है जिसने कार्यो को लिंग, जाति और धर्म के आधार पर बांट दिया है. यह तस्वीर सिखलाती है कि - रिश्तों में झुक जाने से इंसान का कद झुकता नही बल्कि और अधिक बढ़ जाता है. अपनी दकियानूसी परंपरा और ओछी मानसकिता को 56 इंच पर रख कर घसीटने की अपेक्षा तर्क, ज्ञान, विवेकशीलता और विचारों का नयापन ही किसी देश को विश्व के मानचित्र पर प्रतिष्ठित योग्य बनाता है. 

Note :- इस देश मे ऐसे पुरुष(पति)भी हैं जो Justin Trudeau से भी अच्छी मानसिकता से देश को आगे बढ़ाने में प्रयासरत है, जिन पर देश को गर्व है, परन्तु दुर्भाग्यपूर्ण ऐसे अपवाद विरले(Rare) हैं.


Dr. Mohammad Ali 

Assistant Professor 

Dept. of Philosophy

RLSY College, Bakhtiyarpur.

Patliputra University, Patna


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Comments

  1. मनुष्य को मनुष्य से नफरत करने वाली सभ्यता संस्कृति धर्म विकृत मानसिकता वाले लोगो की देन है और उसे अनवर्त बढाने (ढोते) रहने वाले विकृत मानसिकता वालों के गुलाम ।

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  2. Great msg, for the man of understanding...!

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