हिंदुस्तान में रहना है तो जय श्री राम कहना होगा……..
क्यों ? मैं बताता हूँ ….
शिक्षक जब बच्चे के दिल में धर्म, जाति और लिंग के आधार पर नफ़रत के बीज पिरोता है तो यह बीज कोंपल बन कर कब वृक्ष बन जाएगा उस शिक्षक को भी पता नहीं चलेगा और उस वृक्ष के साये में लोकतंत्र तो छोड़ ही दीजिए इंसानियत का रक्त -पात होगा ।
आप सभी लोग जिसने इस वीडियो को देखा होगा आपका मन कर रहा होगा कि - उस महिला शिक्षक को कड़ी से कड़ी और जल्दी से जल्दी सज़ा मिलनी चाहिए । ऐसा ही सोंच रहें हैं आप लोग । पर, माफ़ कीजियेगा, आप यहाँ थोड़ा सा ग़लत सोंच रहे हैं ।
अपने शरीर पर बम बांध कर 100 लोगों को मारने वाले आतंकवादी से ज़्यादा ख़तरनाक वो लोग है जिसने उसके दिमाग़ में यह सोंच पैदा किया.
उस आतंकवादी से ज़्यादा ख़तरनाक वो लोग हैं जिसने उसके दिमाग़ में ऐसी सोंच पैदा किया और पहले सोंच पैदा करने वाले लोगों का अंत होना चाहिए । बम बांध कर मरने वाला तो एक मोहरा है । हम 100 मोहरे को मार देंगे तो वो लोग 200 मोहरे को खड़ा कर देंगे । किस किस को मारेंगे । सबसे ज़रूरी है सोंच पैदा करने वाले और ऐसी सोंच को फैलाने वाले का अंत । मोहरा तो ख़ुद -ब- ख़ुद ख़त्म हो जाएगा ।
तो आप ख़ुद से पूछिए, देश में हिंसा का ज़हर पैदा करने वाले कौन लोग हैं ? और उसे दिन रात TV पर परोसने वाले कौन लोग हैं ??
हिंदू-मुस्लिम, गाय-गोबर, क़ब्रिस्तान-श्मशान, पाकिस्तान- दाढ़ी-टिकी, लव-जेहाद, हरे और केसरिया रंग को अलग करने वाला कौन है ??यहाँ तक की UPSC को जेहाद से जोड़ने वाले कौन लोग हैं ।
आज महिला शिक्षिका इसका शिकार हुई, कुछ दिन पहले ट्रेन पर मुसलमान का नाम पूछ कर गोली चलाने वाला एक पुलिस वाला इसका शिकार हो गया था (जिसे मानसिक रोगी बता कर केस बंद कर दिया गया ) उससे पहले दाढ़ी देख कर टार्गेट करना, उससे पहले फ़्रीज में मांस देख कर मार देना , और उससे पहले न जाने कितने …………
हिंदुस्तान में रहना है तो जय श्री राम कहना होगा, मुल्ला तेरी-कब्र खुदेगी, मोदी के विरोध करने वाले को पाकिस्तान भेजो :- गिरिराज सिंह । हिंदुस्तान में रहना है तो मोदी और योगी को वोट करना होगा ।
किस किस को सज़ा देंगे आप ??
इस मामले में सज़ा के दोषी सोंच पैदा करने वाले वो लोग है जो आपके दिमाग़ में नफ़रत भरते भरते आपको मानसिक दिवालिया साबित कर देंगे और फिर आप पर हुकूमत करेंगे.
डॉ० मोहम्मद अली ।
Assitant Professor
Patliputra University
Patna.
+91-7903892791
Email :- ali2011pf@gmail.com



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ReplyDeleteसत्ता से शक्ति,शक्ति से संपत्ति और संपत्ति से ऐश्वर्य भोग विलाश प्राप्त करने के लिए पहले लोगों को धर्म और जाति वर्ग के नाम पे एक जूट किया जाता था फिर उसे ये सभी साधे जाते थे अब इसके उलट इन सब में भेद भाव घृणा द्वेष भर कर इन्हे साधा जा रहा है पर दोनों में एक चीज़ सामान्य तौर पर सामिल है वो है हिंसा जो उस वक्त भी उनका सहार था और आज भी उनका सहारा है
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